भूमिका


एक पेड़ गिरते गिरते बच गया 
एक नीव मिटते मिटते बच गयी 
उस पेड़ का फल बहुत मीठा था 
पर उसे कोई नहीं खाता था ,
पेड़ रोता था की मै अकेला हु
पर उसके पास कोई नहीं जाता था ,
आंधी बरसातों में तो नाच नाच कर खेलता था ,
पर जैसे ही आंधी की शौकत ख़तम होती 
वो फिर से अकेला पड़ जाता था 
एक बार गलती से उस पेड़ के पास 
एक बेहद खुबसूरत लड़की जा पहुची 
जो बिलकुल नयी थी उस शहर में ,
जो अनजान थी उस पेड़ की कहानी से ,
देखकर पेड़ की खुबसूरत वो मनमोहित हो गयी ,
खाकर उस पेड़ के फल वो आश्चर्यचकित हो गयी ,
जब मालूम किया उसने की ये पेड़ किसी का नहीं है ,
कोई इसे चाहता नहीं है ,
लड़की मुस्कुरायी और उसने सोचा अब ये 
मेरा है ,
पर जैसे ही लोगो को ये बात पता चली ,
सभी उस लड़की को उस पेड़ से दूर करने में लग गए ,
कोई उसको उसकी छाया में आने नहीं देता ,
उसके फल को ज़हरीला कहकर फेक दिया जाता ,
किसी को कुछ भी समझ नहीं आता ,
सभी एक ही सलाह देते की ये पेड़ काट दिया जाए ,
क्युकी कई बच्चे गुम हुए थे इस पेड़ के पास ,
सबको लगा की यहाँ है किसी की शक्ति का निवास 
पर वो लड़की अपनी जिद पे अटल रही 
उसने जीने मरने का फैसला किया ,
सभी घबरा गए  और पीछे हट गए ,
पेड़ बच गया  और उस  लड़की का सबसे अच्छा दोस्त बन गया ,
लेकिन बात ये है की लोग गलत इलज़ाम डालते है ,
पर उस पेड़ की खूबी उस लड़की ने देख ली थी 
इसलिए वो अकेली ही उस पेड़ के साथ रह पायी 
ये इश्क की सहूलियत थी जो तुम्हारी भूमिका ने मुझे बचा लिया 
वरना लोग तो कब का दफना देते 
   - गौतम पात्र
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28/7/20 4:54 am