सच्चे रिश्ते क्या होते है
सच्चे रिश्ते क्या होते है
जहाँ रोज आना जाना रहता था
उस रौशनी के लिए आज खिड़कियाँ बंद थी ,
जिस घर में रोज दरवाजा कोई न कोई खटखटाता था,
सिर्फ एक व्यक्ति के लिए आज सीडियां बंद थी
घर में रखे दस साल पुराने उस मेज ने जब उस पर रखे उन
तलाक के कागजात से पूछा
सच्चे रिश्ते क्या होते है
तो जवाब में आया
मकान जब पुराने हो जाते है
तो किसी भी कारन वश उनमे दरारे आना ज़ाहिर सी बात है ,
कुछ लोग उन दरारों के साथ रह लेते है ,
कुछ उन दरारों को भर देते है ,
जो सह नहीं पाते ,
वो रिश्तों के मकान बदल देते है ,
तलाक कर लेते है
सच्चे रिश्तों में सहना पड़ता है ,
अपमान हो या आदर अपनाना पड़ता है ,
प्यार हो या गाली दोनों में खुश रहना पड़ता है
किसी की चीख के सामने चुप रहना पड़ता है
एक अगर लात भी मारे तो दुसरे को वही पैर दबाना पड़ता है
मिल जुल कर हर बुरे बुरे से हालातो में एक साथ रहकर सब कुछ सुलझाना पड़ता है ,
प्यार का गठबंधन ही ऐसा है की कोई कितना भी हमारे साथ बुरा हो जाए ,
उसको माफ़ करना पड़ता है ,
है ना कितना मुश्किल ,
इसलिए सभी नहीं सह सकते ,
लोगो को मज़बूरी में तलाक करना पड़ता है
घर में सामान तो था पर फिर भी घर खाली हो गया था
मन में सम्मान तो था पर फिर भी मन अकेला हो गया था
घर की बालकनी अपनी सहेली से मिलना चाहती थी
रसोईघर में बना हर व्यंजन बेस्वाद हो गया था ,
ना झगडे थे , ना कोई इलज़ाम था , ना कोई कीच कीच थी
पर शायद घर को सब कुछ याद हो गया था
जहाँ कभी जन्मदिन या कोई त्यौहार एक साथ मनाई जाती थी
वो शाम ,वो पुजा, वो शंक सब बंद थी, बिलकुल सन्नाटा था
सिर्फ एक व्यक्ति के लिए आज वो नफ़रत है ,कभी उसकी पसंद थी
घर में रखे दस साल पुराने उस मेज ने जब उस पर रखे उन
तलाक के कागजात से पूछा
सच्चे रिश्ते क्या होते है
तो जवाब में आया
मकान जब पुराने हो जाते है
तो किसी भी कारन वश उनमे दरारे आना ज़ाहिर सी बात है ,
कुछ लोग उन दरारों के साथ रह लेते है ,
कुछ उन दरारों को भर देते है ,
जो सह नहीं पाते ,
वो रिश्तों के मकान बदल देते है ,
तलाक कर लेते है
सच्चे रिश्तों में सहना पड़ता है ,
अपमान हो या आदर अपनाना पड़ता है ,
प्यार हो या गाली दोनों में खुश रहना पड़ता है
किसी की चीख के सामने चुप रहना पड़ता है
एक अगर लात भी मारे तो दुसरे को वही पैर दबाना पड़ता है
मिल जुल कर हर बुरे बुरे से हालातो में एक साथ रहकर सब कुछ सुलझाना पड़ता है ,
प्यार का गठबंधन ही ऐसा है की कोई कितना भी हमारे साथ बुरा हो जाए ,
उसको माफ़ करना पड़ता है ,
है ना कितना मुश्किल ,
इसलिए सभी नहीं सह सकते ,
लोगो मज़बूरी में तलाक करना पड़ता है
- गौतम पात्र
12/7/20
1:08 am

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