अफ़्सुर्दा
शोक- ए-ज़बान को क्षती हुई उन आधी रातो को बाटने पर
नींद ख़राब करने वाले अक्षर अफ़्सुर्दा का शिकार हो जाते है
शक्कर-ए-ख़्वाब दे दोगे अशफाक नहीं मिलता मांगने पर
उम्मीद ख़राब करने वाले अक्षर अफ़्सुर्दा का शिकार हो जाते है
विचार -ए-नकाब उठता है हर वक्त एक ही खातून के पीछे भागने पर
ज़मीर ख़राब करने वाले अक्षर अफ़्सुर्दा का शिकार हो जाते है
मशक़्क़त-ए-उम्र कब तक करोगे ,खुशामत से इश्क लगने पर
दिन ख़राब करने वाले अक्षर अफ़्सुर्दा का शिकार हो जाते है
मरम्मत-ए-मोहब्बत कर लो , दे सकोगे किसी और के आने पर
गुमान ख़राब करने वाले अक्षर अफ़्सुर्दा का शिकार हो जाते है
राय-ए-हकीकत समझो पर्वत नहीं चलते साथ आवाज लगाने पर
आकिबत ख़राब करने वाले अक्षर अफ़्सुर्दा का शिकार हो जाते है
- गौतम पात्र
25/07/2020
00:07

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