आखरी बार
तुम्हारे और मेरे बिच में बना वो प्यार का पुल कच्चा हो गया है
एकदूसरे को गलत साबित करते करते ,
ठीक कहा तुमने अब इस रिश्ते में रहना मुश्किल हो गया है ,
लेकिन तुम्हारा चेहरा देखता हु तो मुझे तुम्हारी अच्छाई नज़र आती है ,
पर शायद अब तुम्हारा इस घर को छोड़ने का फैसला पक्का हो गया है
आखरी बार तुमसे मिलने आया था
आज तुम मेरे सामने हो पर सामने नहीं हो ,
शायद मेरे लिए अब तुम्हारे पास कोई मुस्कराहट नहीं है ,
तुम्हे अब कोई घबराहट नहीं है ,
तुम मुझसे अब कभी खुल कर बात नहीं करोगी ,
मेरे लिए अब तुम्हारे पास वो व्यव्हार नहीं है ,
तुम्हारा चेहरा देखता हु तो मुझे रोना आता है ,
पर शायद अब तुम्हारा इस घर को छोड़ने का फैसला पक्का हो गया है
आखरी बार तुमसे मिलने आया था
अब तुम्हे छूने का भी हक़ नहीं है ,
गले में रुआसा सी आती है ,
की इतनी प्यारी लड़की के प्यार को मैंने गवा दिया ,
मै सभाल नहीं सका , ना तुम्हे , ना तुम्हारे इल्जामो को ,
काश कोई चमत्कार हो जाता ,
काश तुम्हे सभी सिकवा गिला भूलकर फिर से प्यार हो जाता ,
तुम्हारा चेहरा देखता हु तो तुम्हे रोक लेने को मन करता है
पर शायद अब तुम्हारा इस घर को छोड़ने का फैसला पक्का हो गया है
आखरी बार तुमसे मिलने आया था
आखरी बार तुम्हे देखने आया था ,
मुझे पता है तुम मुझसे बात नहीं करोगी ,
आखरी बार अपनी बात रखने आया था,
आखरी बार तुम्हे माफ़ी मांगने आया था ,
तुम्हारा चेहरा देखता हु तो तुम्हे रोक लेने को मन करता है
पर शायद अब तुम्हारा इस घर को छोड़ने का फैसला पक्का हो गया है
आखरी बार तुमसे मिलने आया था
- गौतम पात्र
18/7/20
4:25 pm

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