तू  रिश्ता बना 


हो रही है गपशपे,
बट रही है मामूली हसी ,
हट रही है चुप्पी ,
सराहनीय है ये  रिश्ते ,
समझे क्या ,कुछ समझेगा क्या 
ज़िन्दगी सच है या झूठ,
मौत के बाद भी अगला सवेरा दिखा ,
तू  रिश्ता बना 
साथ साथ रहना ,हल्का है जीना 
हर दिन कुछ नयी चीज़े जान लेते है ,
रहेंगे आस पास , पकड़ने में हाथ ,
डर से सावधान होते है 
सराहनीय है ये  रिश्ते ,
समझे क्या ,कुछ समझेगा क्या 
ज़िन्दगी सच है या झूठ,
मौत के बाद भी अगला सवेरा दिखा ,
तू  रिश्ता बना 
पसंद पसंद  बराबर  है 
कुछ छुट तो दे ,
खुल के हाज़िर करेंगे कहानी ,
लिख लिया की शर्त पूरी करनी है ,
जम के छानबीन कर लो 
सराहनीय है ये  रिश्ते ,
समझे क्या ,कुछ समझेगा क्या 
ज़िन्दगी सच है या झूठ,
मौत के बाद भी अगला सवेरा दिखा ,
तू  रिश्ता बना 
काबिल बनेगा ये चोटिल हुआ 
रास्ता रंगते हुए चलूँगा तेरा ,
घना हो जाएगा  प्यार ,
मालूम नहीं पहनूंगा क्या ,
सराहनीय है ये  रिश्ते ,
समझे क्या ,कुछ समझेगा क्या 
ज़िन्दगी सच है या झूठ,
मौत के बाद भी अगला सवेरा दिखा ,
तू  रिश्ता बना 
                  - गौतम पात्र 
14/8/20 3:48 am