रिस्ता कोई रिस्वत नहीं है



आँखो ने ज़ायका क्यों चखा तेरी खूबसूरती का,
दिल ने क्यों पहल की मुझसे की तुझसे जाकर आशिकी फ़रमाया जाए,
मैंने तेरा सिर्फ साथ पाने के लिए, अपना वक्त बर्बाद कर दिया,
आज कुछ समझ नहीं आ रहा है,
मेरी गलतियां है या तेरी गलतफेमिया,
पर तुमने काफी दर्द दिया है

मेरी एक बात याद रखो

रिश्ता कोई रिस्वत नहीं है,
तुमने हमें प्यार किया,
सिर्फ यही हमारी किस्मत नहीं है


क्या सिर्फ दिन भर बात करना,
तुमसे हसीं-मज़ाक़ करना,
तौफे हर दिन त्यौहार की तरह भेंट में देना,
पूरी ज़िन्दगी प्यार से एक ही दिल में रहना,

जो मैंने कहा या किया,
वोह कोई दोस्ती नहीं प्रेमी करता है,
बखूबी जानती थी तुम,
इसलिए छोड़ दिया मुझे,



मेरी एक बात याद रखो

रिश्ता कोई रिस्वत नहीं है,
तुमने हमें प्यार किया,
सिर्फ यही हमारी किस्मत नहीं है

सच है दिल में खूब रोना आता है,
सोच सोच कर खुद को कोसता हु,
लेकिन आखिर नुक्सान तोह मेरा होना है,
चाहे कितना पागल हो जाऊ,
भगवान् भी तुम्हारी बात से सहमत नहीं है,



मेरी एक बात याद रखो

रिश्ता कोई रिस्वत नहीं है,
तुमने हमें प्यार किया,
सिर्फ यही हमारी किस्मत नहीं है

एक दिन तुम ज़रूर अफ़सोस करोगी,
एक मासूम दिल को तुमने आहात किया है,
वोह दिन जब आये तुम्हारी नरमी मेरे प्रति देखना ज़रूर चाहूंगा,
मन करता है हज़ारो मेसेजेस भेज कर तुमसे सवाल और गुस्सा करू
लेकिन तुम्हारी खामोशी ने मुझे हमेशा झंझोरकर रख दिया है



मेरी एक बात याद रखो

रिश्ता कोई रिस्वत नहीं है,
तुमने हमें प्यार किया,
सिर्फ यही हमारी किस्मत नहीं है

© gautam patra
14 MAY 2019 AT 17:14