बहुत प्यारी है वो
अपनी रचनात्मकता को रूप देना चाहता था
एक रंगीन कला को भावनात्मकता में प्रदर्शित करना चाहता था,
आज के जमाने में संपर्क ही एक साधन है,
इसलिए "प्लेस्टोरे" में एक अच्छा मंच ढूंढ रहा था,
खोजा मैंने, ख़रीदा मैंने
परखा मैंने, पसीजा मैंने
मिला मुझे बड़ा ही खास एप्लीकेशन,
जिसे डाउनलोड किया मैंने,
कुछ दिन तो अपनी ही सुर्खिया बटोर रहा था,
विडिओ के फॉर्मेट में, अभिनेताओं सा था
फिर वही लाइक्स, फिर वही फोल्लोवेर्स
और ना जाने क्या क्या श्रोताओं का था,
मै फिर मोंरंजन के लिए,
नये नये प्रतिभाओं की प्रयोगशाला में गया,
इतनी अद्धभुत इन्द्रिया देख के कला की
काफी हैरानियाँ भी होती हैं,
लेकिन उस दिन जो देखा
वह आँखो में उतर गया,
मानो मैं दीवाना सा, आशिक सा निखर गया,
पिले सलवार में वह लड़की,
अपनी आवाज़ से "kalank" गा रही थी,
उसकी हर अदा, उसकी हर हरकत,
वोह जिस तरह से मुस्कराह रही थी,
वोह बिलकुल सामने से हर एक लव्ज़ जो गाती,
ऐसा लगता जैसे मुझसे कुछ वास्ता हो,
मै भूल नहीं सकता उसकी खूबसूरती,
मै भूल नहीं सकता उसकी गायकी,
वोह लड़की सच में बहुत ही उत्कृष्ट थी,
मै बोल नहीं सकता उसकी खूबसूरती
बहुत प्यारी है वोह
दस बार वोह परफॉरमेंस देखा मैंने,
दस बार वोह चेहरा महसूस किया मैंने,
अलग अलग बातें दिल करने लगा उसकी,
मै दर्शक था या दोस्त उसका,
पर इतना था की मै उसकी काम का कायल हो चूका था,
अगर वोह कभी मिले मुझे, मै शांत सा हो जाऊंगा,
बहुत प्यारी है वोह
© gautam patra
12 MAY 2019 AT 20:46

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