नदामत

रोष कर लो फिर फुरकत से शामत करना 
आरोपी  बनादो  फिर फुर्सत से नदामत करना 
दोष डाल दो सभी , नौबत का निजाम तो  किया होगा 
प्रतारोपी तो है  नहीं कोई , कैदी बनाने का इंतजाम तो किया होगा 
फिर बोल रहा हु बाद में अपनी बात से ना मत करना 
शिकायते ठीक से करना फिर फुर्सत से नदामत करना 
ज़खीरा है खूब इश्क का , जस का तस है तुम्हारे पास
देखो सभी ग़रज़ पूरी हुई या नहीं फिर फुर्सत से हिमायत करना 
निर्दोष हु , मुझसे क्यों अदावत करना 
आरोपी  बनादो  फिर फुर्सत से नदामत करना 
         - गौतम पात्र

08/08/2020
04:25