वापस
बिच रास्ते में जब जूता फट गया था 
फिर  तुम्हारे लिए मैंने अपना दोनों जूता उतार दिया था ,
घर जाते ही घर पर ताला था तुम्हारे ,
फिर जब मैंने तुमको मेरे घर आने का पुकार दिया था ,
पैसे जब खो  हो गए थे तुम्हारी किताब से ,
तुम्हारी परेशानी को दूर करने के लिए जब मैंने रूपए हज़ार दिया था ,
ये गिनी चुनी सी बाते तुम्हारी याद आ रही है ,
तुम्हे पता हो ना हो पर मैंने थोडा थोडा तुमसे प्यार किया था 
मुझे तुम्हारे पास वापस ले चलो 
मुझे अपने घर की नौकर बना लेना ,
बस तुम साथ ले चलो ,
 ,
व्रत रखा था तुमने पर चक्कर खा कर गिर गई थी ,
तुम्हारी माँ चिल्लायी और मै इतना घबराया की तुमको हॉस्पिटल ले आया था ,
तुम्हारी दादी के बरसी के दिन जब तुम्हारा दोस्त तुमपे गलत नज़र रख रहा  था ,
याद है ज्यादा बिना  सोचे समझे मैंने पुलिस तक बुलाया था ,
कितने प्यार से तुमने मुझे वो एक गुलाब दिया था ,
जानती हो आज भी वो तौफा रोज मुस्कुराता है 
ये गिनी चुनी सी बाते तुम्हारी याद आ रही है , तुम्हे पता हो ना हो पर मैंने थोडा थोडा तुमसे प्यार किया था 
मुझे तुम्हारे पास वापस ले चलो  मुझे अपने घर की नौकर बना लेना , बस तुम साथ ले चलो , मै जानता हु की मेरी नियत सिर्फ तुम्हारा ख्याल रखने की है  पर  कोई और तुम्हारा ख्याल रखे ये देख नहीं पाउँगा , तुमसे दूर होंने से अच्छा है , तुम्हारे पास रहू , नौकर होकर ही सही पर कमसेकम तुम्हारी सेवा कर पाउँगा , नहीं मै ये नहीं कहता की तुम अपने पति को छोड़ दो , पर तुमको भी छोड़ा नहीं जाता , मुझे या तो जेल भेज दो या अपने साथ ले चलो 
मुझे तुम्हारे पास वापस ले चलो  मुझे अपने घर की नौकर बना लेना , बस तुम साथ ले चलो ,    - गौतम पात्र  25/7/20
2:17 am