एक बेहतरीन तू 


हवाएं देती है ठंडक ,
प्यार देती है ठंडक ,
जो ज़रूरी मुश्किलें है ,
आरामदेह है ठंडक 

एक बेहतरीन तू 


बारिश हुई धुप निकली 
तेज़ी कई हवा ताज़ी ,
ख्वाब बुलबुले मेरे बने
आरामदेह है ठंडक 

एक बेहतरीन तू 


गुंजाइश क्या रही ,
बीघा हु मै तुझसे ,
अच्छी है तेरी खूबी ,
लिखता हु मै खुदसे 

एक बेहतरीन तू 

©गौतम पात्र

Written on year 2018 May/June in between