अदरक Lyrics

 

वेदना देने वाला भी गायब था 

साथ होकर भी ,शायद था 

सपने अतीत के पीछे रह गए 

तनाव से लावरिस होना जायज़ था 



अवसाद की कोई अदरक नहीं 



मुकाम हयात की शोभा बड़ा रही थी 

कुछ धमकियां उम्र कैद की सजा सुना रही थी 

एक ही बात जब फिर दोहराया जाए ,

मनोस्तिति उनको अपना रही थी ,

किसी के लिए इस साज़िश का अंजाम लाभदायक था 

तनाव से लावरिस होना जायज़ था 




अवसाद की कोई अदरक नहीं 



                             - गौतम पात्र (Gautam Patra)


                            -©Geet Granth


                             गुरुवार, 18 जून 2020