चलो आज तुम्हारे बारे में कुछ बात करते है



हमेशा अपने काम में मशगूल मै रहता हूं
तुम्हारी ख्वाइशों का दीवाना हूं
लेकिन झूट बिल्कुल मै ये कहता हूं
नदी जब भी पार करनी होती ,
मैंने तुम्हे हमेशा नौका में अकेले बिठा भेजा है,
और आज ये बात मै कबूल करता हूं
मै तुम्हारे साथ तोह था लेकिन तुम्हारा साथी नहीं था ,
छोड़ो मेरी भूख को , छोड़ो मेरी थकान को

चलो ना आज तुम्हारे बारे में कुछ बात करते है

यूं तो तुम मेरे लिए अपनी सारी खिदमत पेश करती हो ,
लेकिन तुम तन्हाई की अंगड़ाई मुझसे छुपकर क्यों लेती हो ,
तुम्हारी शिकायत सुनने का हक है मुझे ,
लेकिन तुम तोह मेरी भी गलती पे खुद माफी मांग लेती हो ,
छोड़ो मेरी भूख को , छोड़ो मेरी थकान को

चलो ना एक दूसरे के साथ कुछ करीबिया बढ़ाते है ,
चलो ना आज तुम्हारे बारे में कुछ बात करते है

आज मुझे तुमसे ढेरों बाते करनी है ,
क्या हम कहीं बाहर चले ?
चलो बगीचे में चलते है ,
या फिर कहीं dinner चले,
आज कोई वजह नहीं है ,बस वक्त बिताना चाहता हूं साथ तुम्हारे ,
इसलिए आज मेरी परवाह नहीं ,तुम्हारी शिरकत होगी ज़बान पर
छोड़ो मेरी किताबो को , छोड़ो मेरे कपड़ों को

चलो ना एक दूसरे को गहराई से देखते है,
चलो ना आज तुम्हारे बारे में कुछ बात करते है।

#गौतम पात्रा (लेखक)
© gautam patra
27 MAR 2020 AT 0:31