इबारत

देखने से ही हर विचार में केवल यौन क्रिया हो ऐसा मिजाज़ कर देगा ,
चरम आनंद के इस कुछ घड़ियों का इबारत हताश कर देगा  रजा से खुलती है हदे , जीर्ण शीर्ण देखती आखें , फिर यही आएँगी ऐसा मेराज कर देगा, अंतरजाल में तरजीह सिर्फ इसकी होगी , इस चस्के का इबारत विरोधाभास कर देगा , एक शब्द के मालूम होने से , सहवास बेचती पण्यशाला जैसे वैसा ही बनने पर नवाज़ कर देगा  इतनी उत्तेजना से महरूम नहीं थे ,देखते रहने की इबारत जैसे मौज माज कर देगा  गुप्तांग का फर्ज़िपना , स्त्री-पुरुष का वहशीपना , देखने वालो  पे गहरा प्रभाव कर देगा , हर काम में विराम होगा , मन में एक  दरिंदा  हर किसी की चैल के पीछे का निरावरण देखेगा  जननांग को शाही थाली में परोसने वाले नट , ये जाली वासना सबकुछ मुगालता कर देगा , नहीं चाहोगे ये सब सोचना , कीचड़ से निकला इबारत देखने के लिए नया जवाब कर देगा  ना देखो ये  सहमती से होने वाले समागम , खरीदी हुई करवटों से हर चैन का दाह कर देगा  कोशिश करोगे तो धीरे धीरे ख़त्म होगी  , अच्छी सोच का इबारत यही से निर्वाह कर देगा                                                                       - गौतम पात्र  24/08/2020
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