शिकस्ता
काहीश से ग्रसित होना अब सस्ता हो गया ना
अमल किया तो मालूम करवाए ,
करवाते ही देखो कुछ महीनो में ही पगलाता भूत शिकस्ता हो गया ना
इन आखो का इतना भरोसा ना करो , सराब है , सराब ही है भरोसा हो गया ना
उगते हुए पारदर्शी , गिर गए
गिरवाते ही देखो कुछ महीनो में ही उछलता भूत शिकस्ता हो गया ना
सुनाई दिया था की रिक्तस्थान तुम मत भरो , मतलब मतलब सब हो गया ना
धारधार गलत फेमियो से कट गए ,
कटवाते ही देखो कुछ महीनो में ही उबला भूत शिकस्ता हो गया ना
कड़ी टक्कर मत दिया करो अनहोनी को , कहानी में बदलाव हो गया ना
सटा हुआ क़ल्ब ,जोर से तोड़ गए ,
तुडवाते ही देखो कुछ महीनो में ही भिनभिनाता भूत शिकस्ता हो गया ना
वालिदैन जो ढूढे कलत्र , दीवान में जाने के प्रतिशत कम होते है ,
मज़ा मज़ा रह जाता है , जीना हराम हो गया ना ,
इकलौते ही देखो कुछ महीनो में ही प्रेममुग्ध भूत शिकस्ता हो गया ना
- गौतम पात्र
S- 10:37 AM
F-11:57 AM
21/08/2020 12:00

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