इंकिशाफ़
जुर्म करने वालो अब तुम्हारा हर शातिर ख़राब हो जाएगा
राज एक दिन टूट के बरसेगा की सबकुछ इंकिशाफ़ हो जाएगा
झूट जितना भी बोलो साबित एक दिन अपराध हो जाएगा
हत्यारो कही भी छुपाओ तुम खून , हर पहलु इंकिशाफ़ हो जाएगा
दारोगा हो या हो कोई सरकार खरीद लो सभी को , पर सच तुमसे ना ख़रीदा जाएगा
तत्यों को तहस नहस कर दिए तो क्या , हर गुनाह एक दिन इंकिशाफ़ हो जाएगा
जितनी बेईमानी , जितनी ताकत लगालो सब बर्बाद हो जाएगा
अब जनता खिलाफ हो गयी है , दूर दूर की दुर्घटना इंकिशाफ़ हो जाएगा
चैन की नींद अब तुम भूल जाओ , जल्द तुम्हारा बुरा वक्त शुरू हो जायेगा
जितना भी अपना घिनौना मुह बंद रख लो , हर भेद तुम्हारा इंकिशाफ़ हो जाएगा
झूट को शय कोई नहीं देता , भागो जितना भागना है , आसमान भी कम पड़ जाएगा ,
तुम्हारा बदला जो भी था , पर अब हर बदला इंकिशाफ़ हो जाएगा
तुम भोले और इमानदारो का क़त्ल करते हो , फासी का फंदा बाकायदा सजा तैयार हो जाएगा ,
अब हर जांच की तफ्तीश होगी , हर नाइंसाफी का इंकिशाफ़ हो जाएगा
- गौतम पात्र
f- 04:57
20/08/2020

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