मेरे कपड़े भी तुम्हे आ जाते है
मेरे कपड़े भी तुम्हे आ जाते है
मै और तुम एक समान है ,
मै और तुम हमारा सम्मान है ,
हम दोनों को एक दूसरे से प्रेम ,
साबित हुआ है ये ,इसके पाए गए हम दोषी है ,
तुम्हारी कोशिशों से उजागर है मेरी हर स्थिति
,हम दोनों एक दूसरे के इतने बराबर है कि
मेरे कपड़े भी तुम्हे आ जाते है
दिल का प्यार ,गहरी नदी का बिछोना है
हर मुसीबत में भी हम रियायत है एक दूसरे के ,
तुम्हारी धड़कनों को सांसों में मै लेता है ,
सोचो जब इतने दरियादिल है हम खुद के प्रति ,
तो छोटी सी बात है ,
हम दोनों एक दूसरे के इतने बराबर है कि ,
मेरे कपड़े भी तुम्हे आ जाते है
तुम मेरे खानपान को चख सकती हो ,
तुम मेरे गम को गला सकती हो ,
तुम मेरे जीवन यापन में सहयोग कर सकती हो ,
तो तुम मेरी चीजों को छू क्यों नहीं सकती ?,
हम दोनों ही एक दूसरे को संतुष्ट कर सकते है ,
हम दोनों तो हमेशा एक दूसरे के सहायक है ,
पहन सकती हो तुम ,ये तुम्हारे अधिकार है ,हम आखिर क्यों इतना शरमाते है ,
क्या गलत है इसमें अगर ,
मेरे कपड़े भी तुम्हे आ जाते है
© gautam patra
29 MAR 2020 AT 15:53

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